Author Archives: oshrivastava

About oshrivastava

God is,I belive that god support every body like a mother,हर सांस का धन्यवाद तो उसे दे नहीं सकते फिर भी बिना शिकायत वह तुम्हारी प्रत्येक चाहत को पूरी करता हैं , बोलो सुबह शाम ,ॐश्री राधेकृष्णा बोले,

आपके बुजुर्ग सम्मान के भूखे नहीं

ईश्वर है यह सत्य बहुत कम लोगों को स्वीकार होता है युवा वर्ग में उत्साह होता है पर कर्तव्य बोध नहीं गलती मां और पिता में कोई न कोई होता है जो उनकी गलती पर सदा परदा डाल कर उन्हे हठी बनाते हैं

अपने बच्चों को संस्कार शिक्षा पद्धति से ही जीवन जीने की कला सिखाए गुरू दादा दादी नाना नानी और परिवार के सभी सदस्यों के साथ रखे धार्मिक विचार कहानी गीत संगीत से परिवार का खुशनुमा माहौल निर्मित किया जासकता है

जीवन का सबसे बड़ा धन यही है संतान संस्कार बान है हिंदू धर्म में रामायण और गीता कृष्ण लीला की किस्से कहानी बड़े बुजुर्ग सुनाया करते थे जिससे आने वाली पीढ़ी भय हीन बनती थी आत्म विश्वास जागता और अपने लक्ष्य को प्राप्त करते में सफल होते हैं हमें अपना परिवार ही नहीं समाज भी भय मुक्त बनाना है

प्रेम से बोलो

Radhe Radhe ❤️

oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

मैं और मेरा मन

प्रार्थना में बहुत शक्ति है मन जब भी भटके एक दो मिनट का ध्यान तसली देता हैं तप तपस्या करने की शक्ति आराध्य ही से मिलती हैं, आपार धन संग्रह से भी विरक्ति होती हैं

आपने भी कई साधू संत देखें हैं जो सब कुछ छोड़ कर भक्ति भाव में अपने ईष्ट और उनके संदेश जन जन तक पहुंचाने पैदल यात्रा कर एक अभियान की तरह क्रियात्मक रूप प्रदान करते हैं रास्ते में कई तरह की बाधा उत्पन्न होती हैं रास्ते में जहरीले सांप और हिंसक जानवर भी कई बार रास्ते मिलते हैं उन पर कोई भी हमला नहीं करता उनकी आभा के आगे सब नतमस्तक हो जाते हैं उनके पीछे जन सैलाब दौड़ता है उनसे आगे कोई नहीं निकल पाया स्वयं मैने ऐसे संत के दर्शन किए हैं

मथुरा वृंदावन में हरिद्वार ऋषिकेश में लीन संतो और महात्मा के दर्शन सहज में ही होते हैं जितना सुख मूर्ति दर्शन में हैं वही सुख संत साधू साध्वी के दर्शन में हैं उनकी दिव्य आभा बहुत ही चमत्कारी होती हैं उनके दर्शन से कामना भी पूर्ण होती हैं

आप से एक और प्रार्थना है विवादित डोगी स्टाईल मारने वाले नकली बाबा संत सदा बचकर रहें कोई भी भूत प्रेत नहीं भगाते केवल आपको अपने भ्रम जाल में फंसाकर भ्रमित करते ईश्वर का नाम सच्चे मन से प्रार्थना करने से सारी बाधा दूर हो जाती है स्नान ध्यान से ही ईश्वर की प्राप्ति होगी

भागवत कथा सुनिए सच्चे मन से प्रार्थना कीजिए

आपकी और परिवार की सुख शांति कायम रहेगी

प्रेम से बोलिए

Radhe Radhe ❤️ oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

मन ही तो हैं जो कभी गदगद कर देता हैं, और कभी उदास गमगीन अपनों को बीमार असहाय महसूस कर उनके लिए प्रार्थना ही एक माध्यम है

गागर में सागर

https://twitter.com/ShrivastavaO/status/1562404966605721601?t=5562QZ-mo6KU8zb8aVbOsA&s=09

हम एक पल भी सांस रोकने की कोशिश भी करते हैं तो अत्याधिक घबराहट होने लगती हैं किंतु साधना में अनलोम विलोम प्राणायाम के समय ध्यान में लीन होने लगते हैं, कहते हैं जैसी संगत वैसा फल साधना में हम अंदर बैठे मित्र से वार्तालाप करते हैं वह हमें गहराई में और गहराई में शून्य से महाशून्य तक ले जाते हैं वहां जाकर जाना है कई तरह की धुन और प्रकाश और भी दिव्य अनुभव होते हैं हमारा प्यारा लाला कान्हा जो न दिखाए कम है साहस रखिए मै आपको डरा नहीं रहा हूं बहुत कुछ जाना और समझा है सात्विक भोजन करें और सकारात्मक विचार भी रखिए

Radhe Radhe ❤️ oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

भक्त औरभगवान

https://twitter.com/ShrivastavaO/status/1554731938706968576?t=2UfMRYZoFttbAEjLVhO9cw&s=09

ईश्वर है ये कथन इस संसार में प्रत्येक जीव को अहसास होता है मनुष्य ही है जो इसे गंभीर रूप से नहीं लेता पाप और अत्याचार ज्यादा होने के कारण हम दुख और तकलीफ भोगते हैं परिवार में यदि एक व्यक्ति भी अनाचार करता है तो दूर बैठा निकट संबधी भी दुखी होता रहता है, संसार का यही नियम है, ईश्वर सबको सद्बुद्धि दे Radhe Radhe ❤️ oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

तू बैठा अंदर मै खोजू गली गली

भ्रम में जीता अहम अक्सर भटकता ही रहता है, जब भी कोई साधक अपने ईष्ट देव को प्रसन्न करने के लिए तरह तरह के प्रयास करता है, अंदर बैठा परमात्मा कहता है उड़ ले बेटा उड़ ले कितना उड़ना है होना वही है जो मैने सोचा है, ठीक उसी तरह आपने देव ऋषि नारद जी की मोह की कथा सुनी है, नारद जी का मोह भंग करने के लिए श्री मद नारायण ने एक अदभुत माया रची थी राम चरित्र मानस के बाल काण्ड में नारद मोह के नाम से सुना और गाया जाता है

माया पति ने संसार को और अपने भक्त को रास्ते में लाने के लिए एक सुंदर माया नगरी बनाई वहां के राजा की पुत्री विश्व मोहनी (लक्ष्मीजी)के  स्वयंवर की तैयारी चल रही थी नारद जी के पहुंचने पर राजा स्वयं स्वागत के लिए द्वार पर आ गए नारद जी को सम्मान पूर्वक राजमहल में अंदर जहां राजकुमारी थी आदर पूर्वक आसन देकर बैठाया गया राजकुमारी ने आकर प्रणाम किया राजा बोले कृपया कन्या का हाथ देखकर बताए उसे कैसा वर मिलेगा, हाथ देखकर नारद जी स्वयं आश्चर्य चकित रह गए उन्होने थोड़े शब्दो में उतर दिया कन्या भाग्यशाली हैं इसका विवाह जिस भी व्यक्ति से होगा वह बहुत धनवान होगा यह कहकर नारद जी आगे बढ़ गए मार्ग में चलते हुए वे सोचने लगे इस कन्या का विवाह जिस भी व्यक्ति से होगा वह ब्रह्मांड में सबसे अधिक लोकप्रिय और धनी व्यक्ति होगा, क्यों न मैं भी अपना भाग्य विधाता दीन दयाल श्री हरि नारायण से उनके जैसा रूप मांग लूं राजकुमारी मुझे देखते ही मोहित हो जाए और वरमाला डाल दें मन ही मन नारद जी श्री हरि नारायण से प्रार्थना करने लगे हे भगवान मुझे कुछ दिनों के लिए आप जैसा रूप देदो ताकि मेरा विवाह हो जाए मेरा भी घर परिवार बस जाए, श्री हरि मुस्कराए और बोले नारद जी मैं वही करूंगा जो तुम्हारे लिए उचित होगा, यह सुनकर नारद जी गदगद हो गए

भोले भंडारी बाबा श्री हरि नारायण की यह लीला देख रहे थे उन्होने अपने दो गण श्री नारद मुनि के पीछे छोड़ दिए की पूरे घटना क्रम की जानकारी देते रहे, स्वयंवर के दिन श्री नारद जी पूरी तैयारी के साथ राजदरवार मे पहुंच गए उन्होने चारों तरफ नजर डाली एक आसन पर बैठ गए कुछ ही देर में राजकुमारी हाथ में वरमाला लेकर सखियों के साथ कदम रखा नारद जी मन ही प्रसन्न होकर खड़े हो गए राजकुमारी ने उन पर दृष्टि भी नहीं डाली और आगे निकल गई नारद जी बहुत बैचैन हुए और वहीं जाकर खड़े हो गए जहां राजकुमारी जा रही थी फिर क्या था राजकुमारी ने किसी गले में वरमाला डाल दी नारद जी विह्ल होकर बाहर भागते हैं दोनों गण भी उनके पीछे बाहर आ जाते और कहते हैं जरा पानी में अपना मुख तो देख लो नारद जी पानी मुख देखने भागते वे हंसने लगते हैं पानी में अपना मुख देखते हैं उनका मुख बंदर का दिखता है फिर क्या था नारद अत्यंत क्रोधित हो जाते हैं और उन्हें कहते हैं जाओ तुम भी बंदर जैसे हो जाओ और फिर यह कहते हुए आगे चलने लगते है आज मैं नारायण को छोडूंगा नहीं उनके आगे नारायण राजकुमारी के साथ जा रहे थे फिर तो वे आपा खो गए बोले अरे मैं तो तुम्हे अच्छे से जानता हूं आप हमेशा से कपटी हो आप से किसी का सुख नहीं देखा जाता मैने आप पर भरोसा किया और आप ने मेरी दुनिया ही बदल दी मैं तुम्हे श्राप देता हूं आप भी नारी विरह कि वेदना में दुखी होकर तड़पो और जो बंदर का मुख मुझे दिया है वे ही आपकी सहायता करेंगे इतना कहकर नारद जी जैसे मुख ऊपर उठाते हैं देखते क्या है न ही वहां मायानगरी है न ही राजकुमारी दोनों गण और नारायण ही खड़े हैं नारद जी विहल होकर रोने लगते हैं हे भगवान मुझसे ये क्या अनर्थ हो गया हे ईश्वर मेरा श्राप भलीभूत न हो श्री हरि नारायण मधुर स्वर में कहते हैं भक्तों में श्रेष्ठ देव ऋषि नारद आप व्यथित न हो ये मेरी ही लीला है आगे राम अवतार के लिए ही मैने यह रचना रची इतना कहकर नारायण अंतर्ध्यान हो गए पास खड़े गणों ने नारद जी कहा हे प्रभु हमारा श्राप वापस ले ले नारद जी बोले कलयुग में जब राम अवतार लेंगे तो तुम वानर सेना में रहकर उनकी सेवा करोगे

कथा का सार यह है ईश्वर अंदर बैठा है और हम उसे गली गली डूड रहे हैं

Radhe Radhe ❤️ oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

L

बार

Explosions and red rivers at the Rio Tinto Mines | Spain

Very nice Reality

NON STOP TRAVELLING

The Rio Tinto mines are said to be some of the oldest in the world with a history dating back 5000 years. It wasn’t so much the mines that drew me to the area but the colour of the landscape from the mineral rich soil. Our first stop was as the road cut between two lakes; on our left was a green tinged lake with a terracotta stained shoreline, on our right was a pink tinged lake with bizarre petrified tree trunks. It wasn’t an easy area to explore but we managed to park up and walk back along the road which didn’t have a hard shoulder or anywhere to walk safely. We soon managed to leave the road and venture down to the green lake. The water levels were low due to the drought so the shoreline was covered in cracked, orange soil. It was quite beautiful though and…

View original post 659 more words