Monthly Archives: April 2017

Friday’s Passing Fancy/Poem: The Charge of Mercy

Tales for Life

Crystal Springs spring! 060Photo by Cynthia Guenther Richardson

It may be that making room
for mercy, letting it take hold
of you, does so only at a price.
You may never again see yourself
or another without feeling
a deep release of tenderness,
an upsurge in benevolence
like a music unfurled by light.

Many suffer, pass by day or night and
you will recognize a hoard of hurts
and consolation will spill unbidden,
even in your smile or nod of your head,
a flash meeting of your eyes and another’s.
Charity rises from the soul’s wellspring,
and fills you. It will long to act.

Even if what is returned is
disconsolate anger, even if a
ruinous emptiness
you will offer a gentling of more mercy.
And when someone pains you,
compassion and forbearance
will take charge in spite
of unjust, fearful jarrings.
You can endure much in mercy.

Who knows what being merciful…

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सूर्य की ओर मानवता के दूत : एक नजर प्रमुख सौर अभियानो पर

विज्ञान विश्व

हमारे सौरमंडल का केंद्र और पृथ्वी पर जीवन का प्रथम कारण “सूर्य” जो एक दहकता हुआ खगोलीय पिंड है। हमारी पृथ्वी की तरह सौरमंडल के अन्य ग्रह भी सूर्य के चक्कर लगाते हैं। और सूर्य से इन्हें प्रकाश मिलता है जिससे इनका ताप बना रहता है। हमारी पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है। और इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में लगभग 332000 गुना है। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से मिलकर बना है।

सूर्य के उच्च ताप एवं उसके आंतरिक हेलिओस्फियर (हमारी सौर प्रणाली का सबसे भीतरी क्षेत्र) का अध्ययन करने के लिए भिन्न भिन्न देशों के वेेधशालाओं ने सौर अभियान शुरू किया जिनमें कुछ सफल हुए और कुछ असफल। प्रस्तुत है इनमें से कुछ का संक्षिप्त विवरण:

1- पायनीर (pioneer) मिशन

पायोनीर(Pioneer10-11) पायोनीर(Pioneer10-11)

वर्ष 1959 और 1968 के मध्य सूर्य पर अध्ययन करने के लिए नासा द्वारा पायनीर 5,6,7,8 और 9 उपग्रह…

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परग्रही जीवन भाग 2 : कार्बन – जीवरसायन का आधार क्यों है?

विज्ञान विश्व

कार्बन कार्बन

सभी तरह का ज्ञात जीवन कार्बन आधारित है, इसकी हर कोशीका कार्बन और कार्बनिक प्रक्रियाओं का प्रयोग करती है। हमारे सामने प्रश्न है कि

  1. क्या कार्बन अकेला तत्व है जो जैविक अणुओं का आधार बना सकता है ?
  2. क्या जीवन को कार्बन आधारित ही होना चाहिये ?
  3. या पृथ्वी पर जीवन का आधार इसलिये है कि पृथ्वी की परिस्थितियाँ कार्बन आधारित जीवन के लिये अनुकुल है?

इन सभी प्रश्नो का उत्तर देने के लिये कार्बनिक रसायन के प्रमुख गुणधर्मो को देखते है जो पृथ्वी के जीवन की धूरी हैं। यह इस तरह से हमे सिलिकान या बोरान आधारित जीवन के अध्ययन के लिये एक मानक बेंचमार्क प्रदान करेगा।

यह लेख शृंखला का भाग है, आगे बढ़ने से पहले इस लेख को पढ़ें :  परग्रही जीवन भाग 1 : क्या जीवन के लिये कार्बन और जल आवश्यक है ?

समस्त ज्ञात जीवन कार्बन आधारित क्यों है ?

सबसे सूक्ष्म…

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परग्रही जीवन भाग 1 : क्या जीवन के लिये कार्बन और जल आवश्यक है ?

विज्ञान विश्व

जब हम आकाश मे देखते है तो हम कल्पना ही नही कर पाते हैं कि ब्रह्मांड कितना विराट है। हमारे ब्रह्माण्ड मे एक अनुमान के अनुसार 100 अरब आकाशगंगायें है और हर आकाशगंगा मे लगभग 100 अरब तारें है। इनमे से अधिकतर तारों के पास ग्रंहो की उपस्थिति की संभावना है। तारों और उनके संभावित ग्रहों की यह एक चमत्कृत कर देने वाली संख्या है। इससे  प्रश्न उठता है कि

  1. क्या प्रकाश के एक नन्हे बिंदु की तरह दिखाई दे रहे इन तारों की परिक्रमा करते किसी ग्रह पर जीवन उपस्थित है ?
  2. यही हाँ, तो वह जीवन कैसा हो होगा ?
  3. क्या उन ग्रहों पर परग्रही सभ्यता का अस्तित्व है ?
  4. क्या उन सभ्यताओं मे पृथ्वी के तुल्य या विकसीत बुद्धिमान जीवन और तकनीक की उपस्थिति है ?
  5. यदी हाँ तो क्या हम कभी उनसे संपर्क कर पायेंगे ?

मानव बरसों से एलियन की खोज कर रहा है। कभी…

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