क्रोयोनिक्स : मृत्यु पर विजय पाने का प्रयास

विज्ञान विश्व

वर्तमान मे ऐसे व्यक्तियों की संख्या बढ़ते जा रही है जो अपने शरीर को क्रायोजेनिकली संरक्षित रखने के लिये कंपनीयों को बड़ी राशि प्रदान कर रहे है। उन्हे मृत्यु के पश्चात भी भविष्य मे पुनर्जीवन की आशा है। क्रोनिक्स के तीन प्रमुख संस्थानो मे संरक्षित शरीरों की संख्या क्रोनिक्स के तीन प्रमुख संस्थानो मे संरक्षित शरीरों की संख्या

क्रायोजेनिक तकनीक को ‘निम्नतापकी’ कहा जाता है, जिसका ताप -0 डिग्री से -150 डिग्री सेल्सियस होता है।

  • ‘क्रायो’ यूनानी शब्द ‘क्रायोस’ से बना है, जिसका अर्थ ‘बर्फ जैसा ठण्डा’ है।

यह तकनीक विज्ञान फ़तांशी कहानीयो से उपजी है जिसमे शरीर को भविष्य मे पुनर्जीवन की आश मे संरक्षित रखा जाता है। वर्तमान विज्ञान अभी इतना विकसीत नही है कि वह इन हिमीकृत शरीरो को पुनर्जीवित कर सके। इसके बावजूद अबतक 350 व्यक्तियों को हिमीकृत किया जा चूका है और 3000 व्यक्तियों ने अपने शरीर को हिमीकृत करवाने के लिये आरक्षण करवाया हुआ है। हिमीकरण कर शरीर के संरक्षण का समूर्ण व्यवसाय संपूर्ण विश्व मे…

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