नाभिकिय संलयन : भविष्य की ऊर्जा

विज्ञान विश्व

NuclearFusion-1 नाभिकिय संलयन प्रक्रिया ब्रह्मांड मे सूर्य तथा अन्य सभी तारो की ऊर्जा का मूल है। इस प्रक्रिया को पृथ्वी पर एक लघु पैमाने पर भी अपनाने पर एक साफ़सुथरी, सस्ती तथा अनंत ऊर्जा का स्रोत मिल जायेगा। प्रस्तुत है एक अवलोकन नाभिकिय संलयन से जुड़ी आशाओं ,चुनौतियों तथा इस दिशा मे चल रहे उन प्रयोगों पर जो इस सपने को धरातल पर लाने का कार्य कर रहे है।

विखंडन तथा संलयन

विखंडन

इस प्रक्रिया मे एक न्युट्रान को तेज गति से किसी रेडीयो सक्रिय नाभिक सामान्यत: युरेनियम 235 से टकराया जाता है। इसमे लक्षित नाभिक छोटे नाभिको मे टूट जाता है और अत्यंत अधिक मात्रा मे ऊर्जा मुक्त होती है। परमाणू बम इसी सिद्धांत पर कार्य करता है, विश्व के सभी 440 नाभिकिय ऊर्जा संयंत्र विखंडन आधारित है।

NuclearFusion-2

संलयन

हायड्रोजन के समस्थानिक सामान्यत: ड्युटेरियम तथा ट्रिटियम अत्याधिक दबाव और तापमान पर एक न्युट्रान तथा हिलियम का समस्थानिक बनाते है। इस…

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