ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…

अंतरिक्ष

हमारा ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि उसके वर्णन के लिये मेरे पास शब्द कम पड़ जाते है। इतना विशाल, महाकाय कि शब्द लघु से लघुतम होते जाते है।

सर्वेक्षण का एक क्षेत्र

खगोल वैज्ञानिकों ने चीली के VISTA दूरबीन तथा हवाई द्विप की UKIRT दूरबीन के प्रयोग से संपूर्ण आकाश का अवरक्त किरणो मे एक असाधारण अविश्वसनीय रूप से विस्तृत मानचित्र बनाया है। यह मानचित्र हमे हमारी अपनी आकाशगंगा मंदाकिनी, दूरस्थ आकाशगंगायें, क्वासर, निहारिका और अन्य खगोलिय पिंडो को समझने मे मदद करेगा।

लेकिन “असाधारण अविश्वसनीय रूप से विस्तृत ” का अर्थ क्या है ?

इसे समझाने के लिये मेरे पास शब्द नही है, मै इसे आपको कुछ दिखाकर ही समझा पाउंगा।

उपर दिया गया चित्र इस सर्वेक्षण का एक भाग है जो एक तारों के निर्माण क्षेत्र G305 को दर्शा रहा है। यह क्षेत्र एक गैस का विशालकाय, महाकाय भाग है और हम से 12,000 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है।…

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