अंतरिक्ष मे हीरो का हार!

अंतरिक्ष

अंतरिक्ष मे हीरे का हार (पूर्णाकार मे देखने के लिए चित्र पर क्लीक करें)

हब्बल द्वारा लीया गया यह चित्र एक ग्रहीय निहारिका का है, जो किसी मृत तारे द्वारा एक महाविस्फोट से निर्मीत है। इस निहारिका के केन्द्र मे दो तारे एक दूसरे की परिक्रमा कर रहें है। इन मे से एक तारा का आकार उसकी मृत्यु के समय बड़ता गया, औअर वह इतना फूल गया कि दूसरा तारा उसके द्वारा लगभग निगला जा चुका था। इस प्रक्रिया मे दोनो तारो का गुरुत्विय संतुलन बिगड़ गया और बड़े तारे के अभिकेन्द्र बल(Centripetal Force) के कारण उसका सारा पदार्थ कई प्रकाश वर्ष चौड़ी तश्तरी(Disk) के रूप मे फैल गया। इसके पश्चात जब मृत होते हुये तारे मे विस्फोट हुआ उस तारे की बाह्य परतो के अलग हो जाने से गर्म आंतरिक केन्द्र सामने आ गया। इस आंतरिक केन्द्र के प्रकट होने से पराबैंगनी किरणो द्वारा गैस गर्म होने लगी और यह निहारिका एक नियान साइन के जैसे जगमगाने लगी।

इसे नियान साइन की बजाये…

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